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डॉक्टरों की अगुवाई वाले एआई आधारित मंच अस्पताल के बाहर के रोगियों की देखभाल में करता है मदद

March 25, 2026 1 min read
Dr Rahul with AI Equipments

डॉक्टरों की अगुवाई वाले एआई आधारित मंच अस्पताल के बाहर के रोगियों की देखभाल में करता है मदद

नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) रोगी देखभाल के प्रति अपनी तरह की पहली पहल के तहत डॉक्टरों की अगुवाई वाला एक ‘एआई हेल्थकेयर इकोसिस्टम’ अस्पतालों से परे गंभीर बीमारियों के रोगियों को वास्तविक समय से चिकित्सा परामर्श प्रदान कर रहा है, ताकि वे गंभीर स्थिति में जाने से बच सकें। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इस ‘इकोसिस्टम’ के मूल में ‘आईलाइव कनेक्ट’ है जो छोटा-सा तारविहीन ‘बायो सेंसर पैच’ होता है। वह ‘रिस्टबैंड’ से जुड़ा होता है तथा लगातार महत्वपूर्ण शारीरिक मापदंडों की गणना करता रहता है।

इन मापदंडों में ‘दो-लीड ईसीजी’, हृदय गति, श्वसन दर, ऑक्सीजन संतृप्ति, शरीर का तापमान, रक्तचाप के रुझान, शारीरिक गतिविधि और हृदय गति परिवर्तनशीलता शामिल हैं।

आईलाइव कनेक्ट के संस्थापक ‘कार्डियोवैस्कुलर एंड थोरेसिक सर्जन’ डॉ. राहुल चंदोला ने कहा कि यह डेटा वायरलेस तरीके से एक सुरक्षित क्लाउड-आधारित मंच पर भेजा जाता है जो समर्पित मेडिकल कमांड सेंटर में प्रदर्शित होता है।

चंदोला ने बताया कि कमांड सेंटर में चौबीसों घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती रहती है जो समय से मरीजों की सक्रिय रूप से निगरानी करते हैं।

जहां परंपरागत निगरानी प्रणालियों में बीमारी के लक्षण प्रकट होने के बाद ही चिकित्सकीय कार्रवाई होती है वहीं ‘आईलाइव कनेक्ट’ में एआई आधारित संचालित पूर्वानुमान विश्लेषण शामिल है, जिससे सूक्ष्म शारीरिक परिवर्तनों का पता चल जाता है फलस्वरूप ​​लक्षण सामने आने से बहुत पहले ही बीमारी की शुरुआत का संकेत मिल सकता है।

चंदोला ने कहा कि इस प्रारंभिक पहचान से डॉक्टरों को निवारक चरण में हस्तक्षेप करने की अनुमति मिलती है, जिससे जटिलताओं में काफी कमी आती है, चिकित्सा आपात स्थितियों से बचा जा सकता है और बार-बार अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता कम हो जाती है।

चंदोला के अनुसार, यह प्रणाली स्वास्थ्य सेवा में मौजूद सबसे बड़ी कमियों में से एक ‘अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मरीज की निरंतर चिकित्सा निगरानी का अभाव’ को दूर करने के लिए विकसित की गई थी ।

भाषा राजकुमार रंजन

रंजन

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