आप गांव में बैठे हैं तो टेंशन न लें, दिल्ली के ये डॉक्टर्स आपकी बीमारी तुरंत पकड़ लेंगे, ऐसे करेंगे इलाज

manu.sudhirmanu.sudhir
March 28, 2026

इस iLive connect के ज़रिए मरीज कंट्रोल रूम के डॉक्टरों के सीधे संपर्क में रहेंगे. डॉक्टर विवेका कुमार ने कहा कि हमारा रेस्पॉस टाइम बहुत कम होता है. AI के ज़रिए जैसे ही शरीर के पैरामीटर्स में बदलाव का अलर्ट आता है डॉक्टर सक्रिय हो जाते हैं.

नई दिल्ली:

अगर आप हार्ट, शुगर, बीपी या किसी अन्य रोग के मरीज़ हैं, बुजुर्ग हैं या ऐसे दूरदराज़ के इलाक़े में हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हैं तो अब टेंशन लेने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. अब ऐसी डिवाइस आ गई हैं, जो आपके शरीर पर लगेंगी और दिल्ली में बैठे डॉक्टर्स आपके शरीर की हर एक गतिविधि को देख पाएंगे. अगर कोई परेशानी है तो वे आपके इलाज का भी पूरा इंतजाम करेंगे. अब किलो मीटर्स की दूरी आपके इलाज में बाधा नहीं बनेगी.

आ गई बीमारी बताने वाली डिवाइस

दिल्ली के मशहूर डॉक्टर तीन डिवाइस के ज़रिए आपके सेहत की देखरेख करेंगे. ये डॉक्टर्स आपके क्रिटिकल पैरामीटर्स को दिल्ली में बैठकर कंट्रोल रूम के ज़रिए मॉनिटर करेंगे. दुनिया की ये पहली ऐसी तकनीकी जिसे देश के मशहूर दो ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ने ईजाद किया है. डॉक्टर राहुल चंदोला और डॉक्टर विवेका कुमार नाम के दोनों डाक्टरों ने iLive Connect नाम का एक डिवाइस बनाया है. ये डिवाइस हाथ में बैंड और हार्ट के ऊपर एक पैच जैसा रहेगा. इसकी मदद से और शरीर के सारे क्रिटिकल पैरामीटर को दिल्ली में बैठे विशेषज्ञ डॉक्टर देखते रहेंगे. AI के ज़रिए इसको कनेक्ट किया गया है, ताकि BP या ह्रदय गति के साथ ही शरीर में किसी भी बदलाव को ये डिवाइस तुरंत कंट्रोल रूम में बैठे डॉक्टर्स को अलर्ट करेगा.

दिल्ली में बैठे डॉक्टर्स रखेंगे आपके स्वास्थ्य का ध्यान

मरीज की हेल्थ कंडीशन देखने के बाद डक्टर तुरंत न सिर्फ उनको वीडियो कॉल करेंगे बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए ज़रूरी दवा भी भेजेंगे या बताएंगे. डॉक्टर राहुल चंदोला ने कहा कि मरीज के मोबाइल पर एक ऐप भी इंस्टॉल किया जाएगा. उसके ज़रिए वह खुद भी अपने शरीर से जुड़ी सारी गतिविधियां देख सकेंगे. ये सुविधा उन मरीज़ों के लिए भी काफ़ी लाभदायक है जिनका कोई ऑपरेशन वगैहर हुआ है.

शरीर में कुछ भी बदला तो डॉक्टर्स को पता चल जाएगा

इस iLive connect के ज़रिए मरीज कंट्रोल रूम के डॉक्टरों के सीधे संपर्क में रहेंगे. डॉक्टर विवेका कुमार ने कहा कि हमारा रेस्पॉस टाइम बहुत कम होता है. AI के ज़रिए जैसे ही शरीर के पैरामीटर्स में बदलाव का अलर्ट आता है डॉक्टर सक्रिय हो जाते हैं और ऐंबुलेंस से लेकर मरीज़ों को सलाह देने तक सारे काम कंट्रोल रूम के ज़रिए तुरंत किए जाते हैं.

iLive Connect पर कितना होगा खर्च?

डॉक्टर विवेका ने बताया कि इन तीनों डिवाइस को लगाने का खर्च और मरीज़ की देखरेख का खर्च हर दिन का महज एक हज़ार रुपए आता है. दिल्ली के कंट्रोल रूम में बैठे डॉक्टर मरीज़ के संपर्क में रहेंगे. मरीज जितने दिन तक चाहें इस डिवाइस के जरिए डॉक्टर की देखरेख में रह सकते हैं.

 

About Author

manu.sudhir

Share This Post